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Lychee : Benefits and Side Effects In Hindi : लीची खाने के फायदे और नुकसान इन हिंदी



लीची है पोषण से भरपूर फल :

लीची एक ऐसा फल है जिसे ज्यादा से ज्यादा लोग खाना पसंद करते हैं। यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर है। परंतु आजकल लोग लीची खाने से डर रहे हैं। इसके पीछे एक प्रमुख वजह बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में फैल रही इंसेफेलाइटिस बीमारी है। इस बीमारी की वजह से बड़ी संख्या में मासूम बच्चों की मौत हो रही है और इसके लिए लीची को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। लीची खाने से पहले क्या आप सभी यह सोच रहे हैं कि इसे खाना चाहिए कि नहीं खाना चाहिए?


Lychee




लीची है एक सुपर- फल :

लीची सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद फल है। इसमें बहुत से पोषक तत्व जैसे - कार्बोहाइड्रेट , फाइबर ,सोडियम ,विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी -कांपलेक्स,विटामिन के , पोटैशियम, कैल्शियम ,मैग्नीशियम, फास्फोरस और आयरन जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके इन्हीं गुणों के कारण इसे सुपर- फल भी कहा जाता है। बावजूद इसके अगर लीची खाने में कुछ सावधानियां ना बरती जाए तो इससे नुकसान भी हो सकता है। इसीलिए आइए आज हम जानते हैं लीची खाने के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में।

लीची खाने के फायदे :

1) पानी की कमी को दूर करता है :

लीची में अधिक मात्रा में पानी और पौष्टिक रस होता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ ही शरीर में पानी के अनुपात को संतुलित करने में सहायता करता है।

2) हदय रोगों और रक्तचाप से बचाएं :

लीची में अधिक मात्रा में पोटैशियम होता है जो कि ह्रदय की बीमारियां होने से बचाता है । इसमें मौजूद रासायनिक तत्व हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का र्निमाण करते हैं जिससे रक्त की कमी और रक्त के प्रभाव से संबंधित बीमारियां नहीं होती है।

3) इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है लीची:

यह एक एंटीऑक्सीडेंट है इसीलिए यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायता करती है। इसमें अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है जो की शरीर में रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है। इसके अलावा लीची में बीटा कैरोटीन ( beta-carotene), राइबोफ्लेविन( Riboflavin), नियासिन ( Niacin) और फोलेट( Foliate) भी अधिक मात्रा में होता है।

4) डाइजेशन में फायदेमंद :

इसमें मौजूद विटामिन पाचन क्रिया के लिए बहुत जरूरी है इसमें फोलेट भी फॉरवर्ड होता है जो कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करके नियंत्रित करने में लाभकारी है।

5) वजन कम करने में सहायक :

लीची वजन कम करने में भी फायदेमंद होती है। इसमें अधिक मात्रा में फाइबर होता है जो कि मोटापा कम करने में मदद करता है। साथ ही यह फाइबर पाचन में उपयोगी होता है और आंतरिक समस्याओं को रोकने में मदद करता है।


Lychee

6) ऊर्जा बढ़ाने में फायदेमंद :

लीची ऊर्जा को बढ़ाता है। यह थकान और कमजोरी को दूर भगाता है । इसमें मौजूद नियासिन शरीर में स्टेरॉयडल हार्मोन और हिमोग्लोबिन का निर्माण करता है।

7) कैंसर में लाभकारी है यह सुपरफल :

लीची को कई वैज्ञानिक ने सुपर फल की उपाधि दी है। यह उपाधि उसके कैंसर ( खासतौर पर स्तन के कैंसर ) से लड़ने के गुणों के कारण दी गई है। इसके नियमित सेवन से कैंसर के सेल्स के तेजी से बढ़ने को नियंत्रित किया जा सकता है।

8) आंखों से संबंधित रोगों में फायदेमंद :

लीची का सेवन करने से आंखों में मोतियाबिंद जैसी दृष्टि रोग नहीं होते हैं। इसमें अधिक मात्रा में फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो कि एंटीऑक्सीडेंट  गुणों से भरे होते हैं। इन सब कारणों से लीची शरीर में कोशिकाओं के असामान्य वृद्धि नहीं होने देता।

9) जुकाम में सहायक :

लीची एंटीवायरल बीमारियों से बचाव का कार्य करती है। वह इन संक्रामक वायरस अथवा किसी भी एजेंट के विरुद्ध काम करती है और उन्हें फैलने से रोकती है ।यह सूखी खांसी में अत्यंत लाभकारी होती है।


Lychee


10) त्वचा के लिए फायदेमंद :

लीची सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों से हमारी त्वचा की रक्षा करती है। इसके नियमित सेवन से चेहरे पर दाग धब्बे नहीं आते साथ ही साथ यह मुहांसों की वृद्धि को कम करता है।

लीची खाने के नुकसान :

1) लीची का एक सीमित मात्रा में सेवन हितकारी होता है परंतु इसे ज्यादा मात्रा में खाने से तेज सिरदर्द , बुखार , दस्त अथवा एलर्जी  का सामना भी करना पड़ सकता है।



2) लीची  को एक गर्म फल माना गया है।अतः इसके अत्यधिक सेवन से शरीर में गर्मी हो सकती है जिससे शरीर में पोषक तत्व संतुलित होने के साथ-साथ दस्त, नाक से खून बहना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

3) नीचे खून में शुगर लेवल को असंतुलित कर सकता है । इसी कारण डायबिटीज पीड़ित लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

4) गर्भवती और स्तनपान कराने वाली स्त्रियों को लीची के अत्यधिक सेवन से खासतौर पर बचके के रहना चाहिए।

5) कच्ची या आधी पकी लीची खाने से लिची-सिंड्रोम हो सकता है। इस संक्रमण की वजह से पीड़ित मरीज को तेज बुखार, सिर दर्द, चक्कर ,उल्टी ,पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है।

6) लीची कभी भी खाली पेट न खाये।  लीची में हाइपोग्लिसिन होता है जो शरीर में ग्लूकोज  के निर्माण को रोक देता है जिससे खून में शुगर की मात्रा अचानक ही कम हो जाती है.  

7) लीची गर्मियों का प्रमुख फल है और इसका सीजन  2 से 3 महीने ही रहता है। बरसात के दिनों में लीची में कीड़े पड़ जाते हैं । ये कीड़े आसानी से नजर नहीं आते हैं इसलिए बरसात के मौसम में लीची खानें से परहेज करें।

लीची का उपयोग केवल फल के रूप मे ही नहीं किया जाता बल्कि लीची का जूस,शेक ,जैम ,जैली ,सलाद और विभिन्न व्यंजनों के गार्निशिंग में भी इसका उपयोग किया जाता है।



 

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